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अलीगंज अग्निकांड में बड़ी कार्रवाई: आदेश हुआ जारी, 'खुद ध्वस्त करें बिल्डिंग, नहीं तो LDA करेगा जमींदोज'

 Reported By: Vishal Singh Edited By: Kajal Kumari
 Published : Jun 23, 2026 11:21 am IST,  Updated : Jun 23, 2026 03:09 pm IST

लखनऊ विकास प्राधिकरण ने अलीगंज बिल्डिंग आग मामले में सख्त कार्रवाई के आदेश दिए हैं। एलडीए ने कहा है कि या तो बिल्डिंग को खुद ध्वस्त करें नहीं तो प्राधिकरण जमींदोज कर देगा।

अलीगढ़ अग्निकांड में बड़ी कार्रवाई- India TV Hindi
अलीगढ़ अग्निकांड में बड़ी कार्रवाई Image Source : PTI

लखनऊ के अलीगंज में एक बिल्डिंग में आग लगने से 15 लोगों की जान चली गई। इस घटना की जांच के लिए सीएम योगी आदित्यनाथ ने एसआईटी (SIT) का गठन किया है। अब अलीगंज अग्निकांड में बड़ी कार्रवाई की गई है। लखनऊ विकास प्राधिकरण ने अलीगंज बिल्डिंग को लेकर ध्वस्तीकरण के आदेश जारी किये हैं, जिसमें कहा गया है कि या तो आप खुद इस बिल्डिंग को ध्वस्त करें नहीं तो लखनऊ विकास प्राधिकरण ( LDA) बिल्डिंग को जमींदोज कर देगा।

क्यों हुई दुर्घटना, कहां कहां थीं गड़बड़ियां?

  • अलीगंज की जिस जगह पर ये बिल्डिंग बनी है, वो आवासीय है और यहां सिर्फ घर बनाये जा सकते हैं।
  • यहां कमर्शियल एक्टिविटी नहीं हो सकती।
  • ये इलाका लखनऊ विकास प्राधिकरण के अंदर आता है।
  • अलीगंज के सेक्टर डी के मकान का आवासीय नक्शा 2014 में पास हुआ, ये प्लॉट 2013 में वीरेंद्र शुक्ला और सुरेंद्र शुक्ला ने खरीदा और आवासीय नक्शा पास कराया लेकिन बन गया कमर्शियल काम्प्लेक्स।
  • ये प्लाट 1992 स्कॉयर फिट है।
  • LDA के नियमों के मुताबिक यहां तीन मीटर आगे तीन मीटर पीछे सेटबैक छोड़ना ज़रूरी होता है यानि तीन मीटर आगे और तीन मीटर पीछे कोई निर्माण नहीं हो सकता, बीच मे आंगन भी होना ज़रूरी है।
  • कमर्शियल बिल्डिंग में आने जाने के दो रास्ते होने चाहिए, लेकिन यहां सिर्फ एक रास्ता है। इस रास्ते में भी ac की आउटर यूनिट्स लगी हैं। इसी वजह से 2016 में इस बिल्डिंग को अवैध भी घोषित किया गया लेकिन कुछ ही दिनों में बिल्डिंग कागज़ो में लीगल हो गई।
  • बिजली के काम मे भी लापरवाही हुई। अच्छी क्वालिटी के तार और सामान नहीं लगाए गए।
  • एनिमेशन सेंटर में जो निकलने का दरवाज़ा है उसमें जो बायोमेट्रिक सिस्टम लगा था, उसमें ऊपर के फ्लोर में ताला लगा था।
  • फायर डिपार्टमेंट के नियमों के मुताबिक जो बिल्डिंग पंद्रह मीटर से जांची होती है उन्हें ही NOC लेनी पड़ती है।
  • ये बिल्डिंग पंद्रह मीटर से कम ऊंची थी इसलिए फायर NOC नही ली गई। 
  • एक बड़ी ख़ामी ये भी थी कि सामने  बिल्डिंग पूरी तरह से बंद थी।

एसआईटी ने क्या क्या देखा?

SIT की टीम बिल्डिंग के अंदर सबसे पहले एनिमेशन  सेंटर के अंदर गई ,वहा से बाहर निकलने के रास्ते देखे। फिर सीढ़ियों को देखा ,देखा कि कैसे वहा एसी की आउटर यूनिट्स लगी हैं। SIT छत पर गई जिसका दरवाज़ा हादसे के वक्त बंद था। PET सेंटर का भी मुआयना किया। करीब चालीस मिनट के मुआयने के बाद टीम बाहर निकली है। 

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